DNA ANALYSIS: कट्टरता के खिलाफ बोलना मुसलमानों का विरोध कैसे?
नई दिल्ली: नफरत को रिपोर्ट करना नफरत फैलाना नहीं होता. लेकिन हमारे देश में बहुत सारे लोगों को सच से परेशानी होती है और ये लोग चाहते हैं कि खबर का वही संस्करण पेश किया जाए जो इन्हें सूट करता है. इन लोगों के मुताबिक जेहाद पर बात करना नफरत फैलाना है. इनके मुताबिक कट्टर इस्लाम का विरोध करना सभी मुसलमानों का विरोध करने जैसा है, इन लोगों के मुताबिक किसी धर्म में सुधार की बात करना असहनशीलता है. लेकिन ऐसे लोगों को बांग्लादेश से आई कुछ तस्वीरें देखनी चाहिए, इन तस्वीरों के देखकर आपको समझ आ जाएगा कि असली असहनशीलता और असली कट्टरपंथ किसे कहते हैं.
बांग्लादेश में क्यों जलाए गए हिंदुओ के घर?
सभी मुस्लिम देशों की तरह इन दिनों बांग्लादेश में भी फ्रांस के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन विरोध करने के लिए बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी सिर्फ फ्रांस के झंडे नहीं जला रहे, बल्कि वहां रहने वाले हिंदुओं के घरों को भी जलाया जा रहा है. बांग्लादेश के कोमिला जिले में कट्टरपंथी भीड़ ने हिंदुओं के 10 घरों में तोड़ फोड़ की और इन घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. खबरों के मुताबिक इस आगजनी में 500 लोग शामिल थे और ये लोग फेसबुक पर फैली एक अफवाह के बाद भड़के हुए थे.
बांग्लादेश में हिंदुओं के घर सिर्फ इसलिए जलाए गए, क्योंकि किसी ने अफवाह फैला दी कि इन घरों में रहने वाले हिंदू, फ्रांस का समर्थन कर रहे हैं.
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